बहने से कैसे रोका जा सकता है इन्हें?
बहने से कैसे रोका जा सकता है इन्हें? गम के नहीं खुशी के हैं, पर हैं तो यह आंसू ही ना!
बहने से कैसे रोका जा सकता है इन्हें? गम के नहीं खुशी के हैं, पर हैं तो यह आंसू ही ना!
हंसो क्योंकि तुम जिंदा हो! हंसो क्योंकि हंसने के लिए तुम्हारे मुंह में दांत है! कोई वजह ना मिले तो बेवजह ही हंसो! पर हंसो तो जानेमन!
नकली दोस्ती,असली दुश्मनी मुफ्त में जिसके साथ मिलते हैं, उसे कुछ और नहीं सिर्फ और सिर्फ कामयाबी कहते हैं!!!
वादा है, उम्मीद भी अपने आप से – मेरे आंखों से अगर बहेंगे तो सिर्फ और सिर्फ खुशी के आंसू – हमेशा
कैसे देख पाओगे तुम असली चेहरा खुदा या फिर शैतान का? दोनों ही तो हमेशा इंसान का मुखौटा पहनकर घूमा करते हैं!
निकल पड़ी थी जिंदगी को खूबसूरत बनाने का मकसद लेकर – बिना समझे के जिंदगी खुद खुदा का सबसे खूबसूरत तोहफा है! नासमझ थी मैं!
सुन लो मुझसे पते की बात – चाहते हो अगर किस्मत का साथ, तो छोड़ना नहीं, पकड़ के रखना हिम्मत का हाथ!
मैं तो पैदा होने से पहले से ही जानती थीl पर जग वालों को अब तुम बता दो चीख चीख कर….,…………. थैंक्स इन एडवांस!!!